Hyundai ने नई पांचवीं पीढ़ी की Tucson से पर्दा उठा दिया है और इसका डिजाइन देखकर साफ लगता है कि कंपनी ने इस बार सिर्फ मामूली बदलाव नहीं किए हैं। नई Tucson पहले से बड़ी, ज्यादा बॉक्सी और अंदर से काफी आधुनिक हो गई है। अब सबसे दिलचस्प सवाल यह है कि क्या Hyundai इसे भारत में भी लाएगी और अगर लाती है तो क्या इसमें हाइब्रिड इंजन मिलेगा?
फिलहाल Hyundai ने नई Tucson के भारत लॉन्च की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। लेकिन अगर यह SUV भारत आती है तो इसका नया 1.6-लीटर स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पावरट्रेन इसे मौजूदा पेट्रोल और डीजल एसयूवी से अलग बना सकता है।

नई Tucson का डिजाइन पहले से बिल्कुल अलग
नई Hyundai Tucson को देखकर पहली नजर में ही पता चल जाता है कि इसका डिजाइन पुराने मॉडल से काफी अलग है। कंपनी ने इस बार ज्यादा सीधा और बॉक्सी आकार अपनाया है, जिससे यह SUV पहले से ज्यादा मजबूत और बड़ी दिखाई देती है।
बड़े आकार का फायदा अंदर की जगह पर भी पड़ा है। Hyundai के अनुसार, दूसरी पंक्ति में हेडरूम 29 मिमी बढ़ गया है। इसके अलावा पीछे के दरवाजे अब 83 डिग्री तक खुल सकते हैं, जिससे पीछे बैठने और उतरने में आसानी हो सकती है।
खासकर बुजुर्ग यात्रियों या बच्चों के साथ सफर करने वाले परिवारों के लिए यह बदलाव काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
अंदर से पूरी तरह बदली हुई है नई Tucson
नई Tucson का केबिन पुराने मॉडल की तुलना में काफी ज्यादा आधुनिक नजर आता है। डैशबोर्ड का डिजाइन पूरी तरह बदला गया है और इसमें बड़ा वर्टिकल टचस्क्रीन दिया गया है।
इस स्क्रीन में Hyundai का नया Pleos इंफोटेनमेंट सिस्टम इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ एक पतला डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और नया टू-स्पोक स्टीयरिंग व्हील भी मिलता है।

फ्लोटिंग सेंटर कंसोल के नीचे अतिरिक्त सामान रखने की जगह दी गई है। इसके अलावा एम्बिएंट लाइटिंग और दो वायरलेस स्मार्टफोन चार्जिंग पैड जैसे फीचर्स भी इसे ज्यादा प्रीमियम बनाते हैं।
हाइब्रिड इंजन भारत के लिए सबसे बड़ा आकर्षण हो सकता है
नई Tucson के सभी इंजन विकल्पों की जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन इसके ग्लोबल मॉडल में अपडेटेड 1.6-लीटर हाइब्रिड पावरट्रेन मिलने की उम्मीद है।
कुछ बाजारों में पेट्रोल और प्लग-इन हाइब्रिड विकल्प भी जारी रह सकते हैं। अगर Hyundai भारत में Tucson Hybrid लाती है तो यह उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प बन सकती है जो शहर में बेहतर माइलेज चाहते हैं लेकिन लंबी यात्राओं के लिए पेट्रोल इंजन की सुविधा भी चाहते हैं।
यही स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड तकनीक भारतीय बाजार में धीरे-धीरे ज्यादा लोकप्रिय हो रही है। इसमें आपको बैटरी चार्ज करने के लिए अलग से प्लग लगाने की जरूरत नहीं पड़ती और कार अपने सिस्टम के जरिए बैटरी को चार्ज करती रहती है।
हालांकि, भारत में आने वाली Tucson के पावर, टॉर्क, माइलेज या बैटरी से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल इसके भारत-स्पेसिफिक आंकड़ों के बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
टेक्नोलॉजी और सेफ्टी में भी मिल सकता है बड़ा अपडेट
नई पीढ़ी की Tucson में टेक्नोलॉजी के मामले में भी काफी सुधार देखने को मिल सकता है। बड़ा टचस्क्रीन, नया कनेक्टेड कार सिस्टम और नया केबिन इसे पहले से ज्यादा प्रीमियम बना सकते हैं।
Hyundai की नई एसयूवी में ADAS और दूसरी एडवांस सेफ्टी तकनीकों पर भी लगातार ध्यान दिया जा रहा है। इसलिए नई Tucson में भी कई आधुनिक ड्राइवर असिस्टेंस फीचर्स मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, भारत में अगर यह SUV लॉन्च होती है तो इसमें कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि Hyundai यहां कौन सा वेरिएंट और कौन सी पावरट्रेन लाती है।

क्या Hyundai Tucson Hybrid भारत में आना समझदारी होगी?
भारत में Hyundai आने वाले वर्षों में अपनी हाइब्रिड तकनीक को ज्यादा मॉडल्स में इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है। अगली पीढ़ी की Hyundai Creta में भी स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पावरट्रेन मिलने की संभावना है।
ऐसे में Tucson Hybrid को भारत लाना Hyundai की बड़ी हाइब्रिड रणनीति का हिस्सा बन सकता है। खासकर उन ग्राहकों के लिए जो पूरी तरह इलेक्ट्रिक कार पर नहीं जाना चाहते लेकिन पेट्रोल या डीजल से बेहतर ईंधन बचत चाहते हैं।
अभी नई Hyundai Tucson के भारत लॉन्च की पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इसे लेकर अंतिम फैसला आने में समय लग सकता है। लेकिन अगर Hyundai इसे हाइब्रिड इंजन, नए फीचर्स और ज्यादा प्रीमियम केबिन के साथ भारत लाती है, तो यह अपने सेगमेंट में एक काफी दिलचस्प विकल्प बन सकती है।
फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि नई Tucson सिर्फ पुराने मॉडल का अपडेट नहीं है। इसका डिजाइन, इंटीरियर और संभावित हाइब्रिड पावरट्रेन इसे पूरी तरह नई दिशा में ले जाते हैं। अब भारतीय ग्राहकों को बस Hyundai की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा कि यह बड़ी और नई Tucson आखिर भारत की सड़कों पर आती है या नहीं।
