VinFast ने भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में उतरने की तैयारी तेज कर दी है। वियतनाम की इस कंपनी ने 8 अक्टूबर 2026 को 50 से ज्यादा डीलर पार्टनर्स के साथ Letter of Intent (LOI) साइन किए हैं। यह समझौते वियतनाम के हैफोंग स्थित कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स में हुए, जहां भारतीय डीलर पार्टनर्स का एक डेलिगेशन पहुंचा था। कंपनी ने यह भी बताया कि ये शोरूम 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 34 शहरों में खोले जाएंगे। यानी VinFast अब सिर्फ इलेक्ट्रिक कारों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि दोपहिया सेगमेंट में भी अपनी अलग पहचान बनाने की तैयारी में है।
कहां-कहां खुलेंगे शोरूम?
शुरुआती नेटवर्क में उत्तर से दक्षिण तक कई बड़े बाजार शामिल हैं। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को कवर किया गया है। पश्चिम में महाराष्ट्र और गुजरात हैं, जबकि दक्षिण में तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, केरल और आंध्र प्रदेश शामिल हैं। पूर्वी भारत के लिए पश्चिम बंगाल और ओडिशा को चुना गया है। यानी VinFast का प्लान शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पहुंचने का है, हालांकि शुरुआत बड़े शहरों से होगी।
| क्षेत्र | राज्य/शहर |
|---|---|
| उत्तर | दिल्ली NCR, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश |
| मध्य | मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ |
| पश्चिम | महाराष्ट्र, गुजरात |
| दक्षिण | तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, केरल, आंध्र प्रदेश |
| पूर्व | पश्चिम बंगाल, ओडिशा |
चार्जिंग और आफ्टरसेल्स पर भी होगा जोर
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने वाले ग्राहकों के मन में सबसे बड़ा सवाल चार्जिंग और सर्विस को लेकर होता है। VinFast ने साफ किया है कि वह सिर्फ शोरूम नहीं खोलेगी, बल्कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और आफ्टरसेल्स सर्विस भी मजबूत करेगी। कंपनी के CEO (इलेक्ट्रिक स्कूटर, इंडिया) अनुराग सक्सेना ने कहा, “15 राज्यों और 34 शहरों में 50 से ज्यादा डीलर पार्टनर्स के साथ साझेदारी हमारी भारत में इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल यात्रा की शुरुआत है। हम चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी बना रहे हैं और आफ्टरसेल्स सर्विसेज को भी मजबूत कर रहे हैं, ताकि ग्राहकों को मालिकाना अनुभव में कोई दिक्कत न हो।”
भारतीय बाजार का आंकड़ा क्या कहता है?
भारत में दोपहिया वाहनों का बाजार काफी बड़ा है। वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 2.14 करोड़ दोपहिया वाहन रजिस्टर हुए, जिनमें इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की हिस्सेदारी सिर्फ 6.54 प्रतिशत रही। यानी पेट्रोल बाइक और स्कूटर अभी भी बाजार पर राज कर रहे हैं। लेकिन इलेक्ट्रिक सेगमेंट धीरे-धीरे बढ़ रहा है, और यही वजह है कि VinFast जैसी कंपनियां इसमें उतर रही हैं। कंपनी का मानना है कि आने वाले सालों में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की मांग तेजी से बढ़ेगी, खासकर छोटे शहरों में जहां ईंधन खर्च कम करना लोगों की पहली प्राथमिकता है।
LOI का मतलब क्या है?
यहां एक बात साफ कर देना जरूरी है। LOI यानी Letter of Intent का मतलब यह नहीं है कि शोरूम तुरंत खुल गए हैं। यह सिर्फ शुरुआती सहमति है, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। कंपनी और उसके भारतीय पार्टनर मिलकर रिटेल फैसिलिटीज तैयार करेंगे। VinFast का प्लान है कि वह स्थानीय पार्टनर्स के साथ मिलकर नेटवर्क विकसित करे, जिसमें चार्जिंग और आफ्टरसेल्स सपोर्ट भी शामिल होगा। यानी अभी कुछ महीने का इंतजार करना पड़ सकता है, लेकिन दिशा साफ है।
VinFast का भारत में पहले से क्या है?
VinFast 2025 में भारतीय इलेक्ट्रिक पैसेंजर कार बाजार में उतरी थी, और उसकी कारों की बिक्री, मैन्युफैक्चरिंग तथा असेंबली यहां होती है। अब कंपनी दोपहिया के लिए अलग डीलर नेटवर्क बना रही है, ताकि कार और बाइक दोनों के ग्राहकों को अलग अनुभव मिल सके। कंपनी ने पहले ही दो नए इंडिया-स्पेसिफिक EV का प्लान बताया है, जिनमें एक की कीमत 10 लाख रुपए से कम हो सकती है। यानी VinFast भारत को सिर्फ बिक्री बाजार नहीं, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर भी देख रही है।
क्या मुकाबला आसान होगा?
भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में पहले से कई मजबूत नाम मौजूद हैं – TVS, Bajaj, Ather, Hero, Ola, Ampere और River। इनमें से कुछ की पकड़ छोटे शहरों में भी अच्छी है, और सर्विस नेटवर्क भी फैला हुआ है। VinFast के लिए चुनौती यह होगी कि वह सही कीमत, भरोसेमंद प्रोडक्ट और तेज सर्विस के साथ उतरे। अगर कंपनी यह कर पाती है, तो वह भीड़ में अपनी जगह बना सकती है। लेकिन अगर कीमत ज्यादा रही या चार्जिंग नेटवर्क कमजोर रहा, तो ग्राहक दूसरे ब्रांड्स की तरफ देखेंगे।
निष्कर्ष
VinFast ने भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए जो शुरुआत की है, वह कंपनी की गंभीरता दिखाती है। 15 राज्यों के 34 शहरों में 50 से ज्यादा शोरूम का प्लान, चार्जिंग और आफ्टरसेल्स पर जोर – यह सब बताता है कि VinFast लंबे समय के लिए आई है। हालांकि, असली परीक्षा तब होगी जब पहली इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक भारतीय सड़कों पर उतरेगी और ग्राहक उसे अपनाएंगे। अगर कंपनी सही कीमत और बेहतर सर्विस दे पाती है, तो आने वाले कुछ सालों में यह ब्रांड छोटे शहरों से लेकर महानगरों तक अपनी पहचान बना सकता है। बाकी यह देखना दिलचस्प होगा कि VinFast अपनी पहली इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक किस कीमत पर उतारती है और वह Tata, TVS, Bajaj, Ather और Ola जैसी कंपनियों को कितनी टक्कर दे पाती है।


