
BYD Yangwang U9 Xtreme ने 500 kmph की बाधा तोड़ी, बनी दुनिया की पहली प्रोडक्शन इलेक्ट्रिक कार : BYD ने सितंबर 2025 में जर्मनी में Yangwang U9 Xtreme के साथ 496.22 kmph की स्पीड का रिकॉर्ड पहले ही बना लिया था। लेकिन अब कंपनी ने 500 kmph की बाधा को भी पार कर लिया है। रेसिंग ड्राइवर मार्क बासेंग ने 1 नवंबर 2026 को अबू धाबी की एक बंद सड़क पर 503.17 kmph की स्पीड दर्ज की। इस उपलब्धि के साथ U9 Xtreme 500 kmph का आंकड़ा छूने वाली दुनिया की पहली प्रोडक्शन कार बन गई है।
FIA ने इस रन को मान्यता दी है, जिसने पिछले प्रयास को 6.95 kmph से पीछे छोड़ दिया।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दो श्रेणियां
Guinness World Records ने इस उपलब्धि को दो श्रेणियों में प्रमाणित किया है—प्रोडक्शन कार द्वारा हासिल की गई सबसे ज्यादा वन-वे स्पीड और इलेक्ट्रिक प्रोडक्शन कार के लिए इसी तरह का रिकॉर्ड। माप एक कैलिब्रेटेड VBOX सिस्टम के जरिए स्वतंत्र रूप से सत्यापित किया गया। FIA के एक अधिकारी ने डेटा की जांच करके परिणाम की पुष्टि की।
हालांकि, इस प्रयास में टू-वे एवरेज स्थापित नहीं किया गया, जो दूसरे प्रोडक्शन कार स्पीड रिकॉर्ड प्रोटोकॉल के तहत जरूरी होता है। यानी यह रिकॉर्ड एक ही दिशा में तय की गई स्पीड पर आधारित है।
रिकॉर्ड रन की डिटेल
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तारीख | 1 नवंबर 2026 |
| जगह | शेख खलीफा बिन जायद इंटरनेशनल रोड, अल धफरा, अबू धाबी |
| ड्राइवर | मार्क बासेंग |
| टॉप स्पीड | 503.17 kmph |
| पिछला रिकॉर्ड | 496.22 kmph (जर्मनी, सितंबर 2025) |
| सुधार | 6.95 kmph |
| मान्यता | FIA और Guinness World Records |

यह प्रयास अबू धाबी के अल धफरा क्षेत्र में शेख खलीफा बिन जायद इंटरनेशनल रोड पर हुआ। स्थानीय अधिकारियों ने E11 हाईवे का 10 किमी हिस्सा बंद किया था, जिसमें 7 किमी का बिना रुकावट वाला सीधा हिस्सा हाई स्पीड रन के लिए उपलब्ध था। रोड को पहले साफ किया गया और इंजीनियर्स ने सतह पर मौजूद छोटे धातु के टुकड़ों की जांच की। बासेंग इससे पहले जर्मनी के ATP पापेनबर्ग प्रूविंग ग्राउंड पर भी इसी हाइपरकार को चला चुके थे।
तैयारी और बदलाव
31 अक्टूबर को पहले दो प्रयासों में अधिकतम 490 kmph की स्पीड हासिल हुई थी। इसके बाद इंजीनियर्स ने रियर विंग का एंगल बढ़ाकर रियर एक्सल डाउनफोर्स बेहतर किया, सस्पेंशन रीबाउंड कैलिब्रेशन में बदलाव किए और टायर प्रेशर को एडजस्ट किया। 1 नवंबर के रन से पहले बैटरी और मोटर के तापमान पर भी खास ध्यान दिया गया। उस दिन के पहले प्रयास में स्थिरता और टायर परफॉर्मेंस में सुधार की पुष्टि हुई, और दूसरे प्रयास में 503.17 kmph का आंकड़ा दर्ज हुआ।
इंजन और पावरट्रेन
U9 Xtreme में चार स्वतंत्र इलेक्ट्रिक मोटर्स लगी हैं, जिनमें से हर एक 555 kW की रेटेड है। इनका कंबाइंड आउटपुट 3,019 PS है। हर मोटर 30,000 rpm तक की स्पीड पर काम कर सकती है। यह हाइपरकार 1,200 V की इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर का इस्तेमाल करती है, जबकि स्टैंडर्ड U9 में 800 V सिस्टम मिलता है।
इसकी लिथियम आयरन फॉस्फेट Blade बैटरी बेहद तेज डिस्चार्ज रेट सपोर्ट करती है, जबकि e4 टॉर्क वेक्टरिंग सिस्टम हर पहिये पर पावर को एक सेकंड में 100 से ज्यादा बार अलग-अलग तरीके से एडजस्ट करता है।
सस्पेंशन और टायर
एक्टिव सस्पेंशन भी U9 Xtreme का एक अहम हिस्सा है। इसका DiSus-X सिस्टम 120 मिलीसेकंड में 50 kN तक वर्टिकल फोर्स जनरेट कर सकता है, जिससे बॉडी मूवमेंट कंट्रोल होता है। Giti ने खास सेमी-स्लिक टायर विकसित किए हैं, जो एक खास कंपाउंड और टायर रिम इंटरफेस पर ट्रीटमेंट का इस्तेमाल करते हैं, ताकि तेज एक्सीलेरेशन या ब्रेकिंग के दौरान स्लिपेज न हो।
दिखने में यह कार लो वेज-शेप्ड नोज, पतली लाइटिंग एलिमेंट्स, फ्रंट स्प्लिटर, एडजस्टेबल रियर विंग और बड़े रियर डिफ्यूजर के साथ आती है।
Nürburgring लैप और प्रोडक्शन
U9 Xtreme ने Nürburgring Nordschleife को 6 मिनट 59.157 सेकंड में पूरा किया है। इस कार ने रिकॉर्ड तोड़ने वाले मॉडल के समान ही टेक्निकल स्पेसिफिकेशन का इस्तेमाल किया था।
BYD दुनिया भर में इसकी सिर्फ 30 यूनिट्स बनाने की योजना बना रही है। इस साल की शुरुआत में बीजिंग ऑटो शो में Dawn Moment नाम की एक प्रोडक्शन स्टैंडर्ड कार दिखाई गई थी और कुछ ग्राहक अपने व्यक्तिगत स्पेसिफिकेशन को मंजूरी दे चुके हैं। कंपनी अब उन वाहनों के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइनिंग और प्रोडक्शन शेड्यूलिंग की तरफ बढ़ रही है।
क्यों खास है यह रिकॉर्ड?
यह उपलब्धि इलेक्ट्रिक हाइपरकारों की क्षमता को दर्शाती है। 500 kmph का आंकड़ा पार करना सिर्फ इंजन की ताकत नहीं, बल्कि एरोडायनामिक्स, सस्पेंशन, टायर और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल सिस्टम के सटीक तालमेल का नतीजा है। BYD ने यह साबित कर दिया है कि इलेक्ट्रिक वाहन अब सिर्फ किफायती और पर्यावरण के अनुकूल नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस के मामले में भी दुनिया के सबसे तेज वाहनों में शुमार हो सकते हैं।
