मई 2026 में EV कारों की बिक्री ने पकड़ी रफ्तार, कुल कार बिक्री में पहुंची 7% हिस्सेदारी

मई 2026 में EV कारों की बिक्री ने पकड़ी रफ्तार, कुल कार बिक्री में पहुंची 7% हिस्सेदारी : भारत में इलेक्ट्रिक कारों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है और मई 2026 के आंकड़े इसकी साफ तस्वीर पेश करते हैं। पिछले कुछ महीनों की तुलना में EV सेगमेंट ने मजबूत बढ़त दर्ज की है। अब इलेक्ट्रिक कारें कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री का लगभग 7 प्रतिशत हिस्सा बन चुकी हैं, जो पिछले एक साल में सबसे बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है।

बढ़ती पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों के बीच अब ज्यादा ग्राहक इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं। वहीं चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार और बेहतर बैटरी टेक्नोलॉजी ने भी लोगों का भरोसा बढ़ाया है।

मई 2026 में कितनी बिकीं इलेक्ट्रिक कारें?

EV

मई 2026 में देशभर में कुल 3,17,354 पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री दर्ज की गई। इनमें से 21,953 यूनिट पूरी तरह इलेक्ट्रिक कारों की थीं।

इस तरह EVs की हिस्सेदारी बढ़कर 6.9 प्रतिशत तक पहुंच गई, जिसे आसान भाषा में करीब 7 प्रतिशत कहा जा सकता है।

अगर पिछले साल मई 2025 से तुलना करें तो उस समय EVs की हिस्सेदारी केवल 4.7 प्रतिशत थी। यानी एक साल में बाजार हिस्सेदारी में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है।

साल की शुरुआत से लगातार बढ़ रही है हिस्सेदारी

दिलचस्प बात यह है कि 2026 की शुरुआत से ही EV सेगमेंट लगातार मजबूत हो रहा है।

जनवरी 2026 में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 4.1 प्रतिशत थी।

फरवरी 2026 में यह 4.2 प्रतिशत रही।

मार्च 2026 में बढ़कर 5.9 प्रतिशत हो गई।

अब मई 2026 में यह लगभग 7 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

यह दिखाता है कि EV अपनाने की रफ्तार लगातार तेज हो रही है।

आखिर क्यों बढ़ रही है EV की मांग?

इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण ईंधन की बढ़ती कीमतें मानी जा रही हैं।

पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से वाहन चलाने का खर्च बढ़ा है। ऐसे में कई ग्राहक अब कम रनिंग कॉस्ट वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

इसके अलावा:

  1. देशभर में चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ी है।
  2. नई EVs में 400 से 500 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज मिलने लगी है।
  3. बैटरी टेक्नोलॉजी पहले से ज्यादा भरोसेमंद हुई है।
  4. एंट्री-लेवल EVs की कीमतें भी अब पहले की तुलना में अधिक किफायती हो गई हैं।

दोपहिया EV सेगमेंट में भी तेजी

सिर्फ कारें ही नहीं, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट भी तेजी से बढ़ रहा है।

मई 2026 में कुल दोपहिया बिक्री 16 लाख यूनिट से ज्यादा रही, जिसमें लगभग 1.44 लाख इलेक्ट्रिक स्कूटर और मोटरसाइकिलें शामिल थीं।

ईवी टू-व्हीलर की बाजार हिस्सेदारी मई 2026 में 8.9 प्रतिशत रही, जबकि जनवरी 2026 में यह 6.7 प्रतिशत थी।

कौन-कौन सी कंपनियां बढ़ा रही हैं EV बाजार?

आज भारतीय बाजार में लगभग हर बड़ी ऑटो कंपनी EV सेगमेंट में मौजूद है।

Maruti Suzuki, Hyundai और Mahindra जैसी कंपनियां 500 किलोमीटर से ज्यादा रेंज वाली इलेक्ट्रिक SUV पेश कर रही हैं।

वहीं Tata Motors और MG Motor जैसी कंपनियां 6 से 7 लाख रुपये की शुरुआती कीमत पर किफायती EV विकल्प उपलब्ध करा रही हैं।

इसके अलावा Kia और BYD जैसी कंपनियां फैमिली ग्राहकों के लिए 7-सीटर इलेक्ट्रिक वाहन भी बेच रही हैं।

आगे क्या?

हालांकि EVs अभी भी कुल कार बिक्री में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी तक नहीं पहुंची हैं, लेकिन जिस तेजी से इनकी मांग बढ़ रही है, उससे आने वाले महीनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

नई लॉन्च होने वाली इलेक्ट्रिक कारें, बेहतर बैटरी तकनीक और तेजी से फैलता चार्जिंग नेटवर्क इस ग्रोथ को और मजबूत बना सकता है।

निष्कर्ष

मई 2026 के आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि भारतीय ऑटो बाजार धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की तरफ बढ़ रहा है। अभी सफर लंबा है, लेकिन EVs की बढ़ती हिस्सेदारी दिखाती है कि ग्राहक अब पारंपरिक ईंधन वाहनों के विकल्प तलाश रहे हैं। अगर यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले कुछ वर्षों में EV बाजार का आकार काफी बड़ा हो सकता है।

Disclaimer

यह लेख उपलब्ध बिक्री आंकड़ों और उद्योग रिपोर्ट्स पर आधारित है। वास्तविक बिक्री और बाजार हिस्सेदारी में समय-समय पर संशोधन संभव है।

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