GST 2.0 ने बदल दी तस्वीर! हैचबैक कारों की जबरदस्त वापसी, SUV को टक्कर

GST 2.0 ने बदल दी तस्वीर! हैचबैक कारों की जबरदस्त वापसी, SUV को टक्कर : कुछ साल पहले तक भारतीय सड़कों पर सबसे ज़्यादा दिखने वाली हैचबैक कारें धीरे-धीरे पीछे छूटती जा रही थीं। बढ़ती कीमतें, SUV का क्रेज़ और टैक्स का बोझ – इन सबने मिडिल क्लास खरीदार को सोचने पर मजबूर कर दिया था। लेकिन 2025 के आखिर में तस्वीर बदलनी शुरू हुई। GST 2.0 टैक्स राहत ने हैचबैक सेगमेंट में एक नई जान फूंक दी और लंबे समय बाद छोटे कार खरीदार फिर से शोरूम में लौटते नज़र आए।

GST 2.0 ने कैसे बदला गेम

सितंबर 2025 के आखिर में सरकार ने छोटे कार सेगमेंट के लिए बड़ा फैसला लिया। 22 सितंबर 2025 से छोटी कारों पर GST 28% से घटाकर 18% कर दिया गया। यह बदलाव कागज़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीधे कीमतों पर असर दिखा। Maruti Suzuki Alto और WagonR, Tata Tiago और Altroz, Hyundai i10 और i20, Toyota Glanza और Renault Kwid जैसी पॉपुलर हैचबैक कारें अचानक ज्यादा अफोर्डेबल हो गईं।

यही वो पल था जब आम खरीदार को फिर से लगा कि “कार लेना अब मुमकिन है।” नतीजा यह हुआ कि कुछ ही हफ्तों में बिक्री के आंकड़ों में साफ उछाल देखने को मिला। इंडस्ट्री लेवल पर हैचबैक डिस्पैच करीब 23% तक बढ़ गए, जो बीते कई सालों में एक बड़ी वापसी का संकेत था।

सेल्स में दिखा असर, मार्केट शेयर भी सुधरा

GST 2.0 के बाद अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच हैचबैक कारों की हिस्सेदारी बढ़कर 24.4% हो गई, जबकि साल के पहले नौ महीनों में यह आंकड़ा करीब 23.5% था। भले ही यह कोविड से पहले वाले दौर जितना मजबूत न हो, जब हैचबैक लगभग आधी पैसेंजर व्हीकल सेल्स में हिस्सा रखती थीं, लेकिन यह बदलाव साफ बताता है कि Hatchback Comeback India 2025 सिर्फ एक ट्रेंड नहीं बल्कि ज़मीनी हकीकत बन रहा है।

Maruti Suzuki बनी सबसे बड़ी लाभार्थी 

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा Maruti Suzuki को मिला। Alto, S-Presso, Celerio और WagonR जैसी एंट्री-लेवल कारों की डिमांड में दिसंबर 2025 में 91.8% की सालाना बढ़त दर्ज की गई। कई शहरों में इन मॉडलों की वेटिंग पीरियड छह हफ्तों तक पहुंच गई, जिससे कंपनी को प्रोडक्शन बढ़ाने के फैसले लेने पड़े। GST कटौती के बाद Maruti के एंट्री सेगमेंट की बिक्री करीब 31% तक बढ़ी, जो इंडस्ट्री एवरेज से काफी ज्यादा है।

इसके साथ ही एक और दिलचस्प बात सामने आई – पहली बार कार खरीदने वालों की हिस्सेदारी करीब 5% बढ़ी, जो बताती है कि बजट खरीदारों का भरोसा फिर से लौट रहा है।

SUV का दबदबा अब भी चुनौती GST

हालांकि, पूरी तस्वीर अभी भी संतुलित है। Tata Motors जैसी कंपनियां मानती हैं कि FY2026 की दूसरी छमाही में उनकी हैचबैक बिक्री 18–20% तक बढ़ सकती है, लेकिन सेगमेंट का कुल मार्केट शेयर बहुत ज्यादा बढ़ेगा, इसकी उम्मीद कम है। वजह साफ है – कॉम्पैक्ट और मिडसाइज़ SUV का क्रेज़ अभी भी बहुत मजबूत है।

फिर भी, GST 2.0 की वजह से छोटे कार सेगमेंट में जो कीमतों का संतुलन लौटा है, उसने हैचबैक को दोबारा प्रासंगिक बना दिया है।

कुल मिलाकर, GST 2.0 टैक्स राहत ने हैचबैक कारों को फिर से सांस दी है। भले ही SUV का दौर जारी हो, लेकिन अफोर्डेबिलिटी की वजह से हैचबैक सेगमेंट की वापसी यह साबित करती है कि भारत में “छोटी कार” की ज़रूरत कभी खत्म नहीं होगी।

Disclaimer: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध बिक्री आंकड़ों और उद्योग रिपोर्ट्स पर आधारित है। भविष्य में बाजार की स्थिति, टैक्स नियम और उपभोक्ता रुझान बदल सकते हैं। खरीदारी से पहले आधिकारिक डीलर या कंपनी की पुष्टि अवश्य करें।