Hyundai की बड़ी तैयारी : Hyundai भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों पर बड़ा दांव लगाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में तमिलनाडु उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण EV हब बनने वाला है। इसी के साथ Hyundai ने चेन्नई स्थित अपने प्लांट से दो नई कारें लॉन्च करने की भी पुष्टि की है।
इनमें सबसे खास बात यह है कि कंपनी की पहली मास-मार्केट इलेक्ट्रिक कार भी इसी प्लांट से तैयार होकर आएगी। माना जा रहा है कि यह नई EV साल 2026 के आखिर तक बाजार में दस्तक दे सकती है।
Hyundai का फोकस अब लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर

पिछले कुछ वर्षों में Hyundai ने भारत में EV से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित किया है। कंपनी अब ज्यादा से ज्यादा पार्ट्स भारत में ही बनाने पर जोर दे रही है ताकि लागत कम हो और कीमतें प्रतिस्पर्धी रखी जा सकें।
फिलहाल Hyundai के वाहनों में लगभग 82 प्रतिशत लोकलाइजेशन है। कंपनी का लक्ष्य अगले 5 से 6 साल में इसे बढ़ाकर 90 प्रतिशत तक पहुंचाने का है।
इसके लिए बैटरी सब-असेंबली प्लांट और कई महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स की स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग शुरू की जा चुकी है।
कौन सी हो सकती हैं नई कारें?
Hyundai ने अभी तक दोनों नई कारों के नाम का खुलासा नहीं किया है। लेकिन ऑटो इंडस्ट्री में माना जा रहा है कि इनमें एक कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक SUV हो सकती है, जो Tata Nexon EV, Mahindra XUV 3XO EV और आने वाली Kia Syros EV जैसी गाड़ियों को टक्कर देगी।
दूसरी कार Hyundai के नए प्लेटफॉर्म पर आधारित हो सकती है, जिसमें भविष्य की EV तकनीक देखने को मिलेगी।
चार्जिंग नेटवर्क पर भी बड़ा निवेश
सिर्फ नई गाड़ियां लॉन्च करना ही Hyundai का लक्ष्य नहीं है। कंपनी चार्जिंग नेटवर्क को भी तेजी से बढ़ा रही है।
तमिलनाडु में Hyundai के पास फिलहाल 39 DC फास्ट चार्जिंग स्टेशन और 78 चार्जिंग पॉइंट मौजूद हैं। आने वाले वर्षों में इस नेटवर्क का और विस्तार किया जाएगा ताकि ग्राहकों को चार्जिंग को लेकर परेशानी न हो।
युवाओं को मिलेगी नई तकनीक की ट्रेनिंग
Hyundai ने तमिलनाडु सरकार के साथ मिलकर एक नया स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम भी शुरू करने का फैसला किया है।
यह कार्यक्रम 2027 से शुरू हो सकता है, जिसमें युवाओं को इलेक्ट्रिक वाहन, हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्मार्ट फैक्ट्री जैसी आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी।
26,000 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश
Hyundai ने पहले ही घोषणा की थी कि वह 2023 से 2032 के बीच तमिलनाडु में 26,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करेगी।
इसके अलावा स्थानीय सप्लायर नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भी कंपनी हजारों करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रही है। इससे आने वाले वर्षों में लगभग 2,000 नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
Hyundai अब सिर्फ नई कारें लॉन्च करने तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी भारत को अपने भविष्य के EV कारोबार का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है। चेन्नई प्लांट से आने वाली नई इलेक्ट्रिक कार और बढ़ता लोकलाइजेशन Hyundai को आने वाले वर्षों में Tata Motors, Mahindra और Maruti Suzuki जैसी कंपनियों के मुकाबले और मजबूत बना सकता है।
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