मारुति सुजुकी एक ऐसी इलेक्ट्रिक कार पर काम कर रही है जो 10 लाख रुपए से कम कीमत में आ सकती है। यह कंपनी की e Vitara के बाद दूसरी इलेक्ट्रिक गाड़ी होगी। इस गाड़ी का मुकाबला Tata Tiago EV और हुंडई की आने वाली किफायती इलेक्ट्रिक कार से होगा। मारुति के लिए यह एंट्री-लेवल EV सेगमेंट में काफी जरूरी कदम हो सकता है, क्योंकि इस सेगमेंट में अभी उसकी कोई मौजूदगी नहीं है।
चलिए, जानते हैं कि मारुति की इस 10 लाख रुपए वाली इलेक्ट्रिक कार में क्या-क्या खास हो सकता है और क्या यह Tata Tiago EV को टक्कर दे पाएगी।

किसके लिए होगी यह गाड़ी?
मारुति की पहली इलेक्ट्रिक गाड़ी e Vitara एक बड़ी SUV है और उसका टारगेट ऑडियंस बिल्कुल अलग है। 10 लाख रुपए से कम कीमत वाली यह इलेक्ट्रिक कार उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है जो फिलहाल छोटी पेट्रोल हैचबैक खरीदने का सोच रहे हैं या फिर सीधे दोपहिया से कार में अपग्रेड करना चाहते हैं।
इस सेगमेंट में इलेक्ट्रिक कार खरीदने का सबसे बड़ा रोड़ा कीमत है। अगर मारुति कीमत को सही रख पाती है, तो बहुत से लोग जो पहली बार कार खरीद रहे हैं, वे इलेक्ट्रिक कार की तरफ रुख कर सकते हैं। यह वही ऑडियंस है जो अभी तक इलेक्ट्रिक कारों को महंगा समझकर नजरअंदाज कर रही थी।
Tata Tiago EV का पहले से मजबूत पकड़
इस सेगमेंट में Tata Tiago EV पहले से ही अपनी जगह बना चुकी है। हाल ही में अपडेट हुई Tiago EV इलेक्ट्रिक कार में एंट्री के लिए किफायती विकल्प बनी हुई है। टाटा ने अपनी Battery-as-a-Service मॉडल के जरिए शुरुआती कीमत को और कम करने की कोशिश की है, जिससे ग्राहकों को बिना बैटरी के कार खरीदने का विकल्प मिलता है।
वहीं हुंडई भी अपनी ग्लोबल कार Inster पर आधारित कॉम्पैक्ट EV की तैयारी कर रही है, जो भारतीय बाजार के किफायती हिस्से में उतरेगी। यानी इस सेगमेंट में कॉम्पिटिशन और बढ़ने वाला है।
क्या हो सकती है स्पेक्स?
मारुति ने अभी तक इस गाड़ी का नाम, बॉडी स्टाइल या तकनीकी स्पेक्स का खुलासा नहीं किया है। लेकिन इतना साफ है कि कंपनी का फोकस किफायत और बड़ी संख्या में बिक्री पर है, न कि परफॉर्मेंस या लंबी लिस्ट वाले प्रीमियम फीचर्स पर।
यह गाड़ी छोटी हैचबैक या कॉम्पैक्ट क्रॉसओवर हो सकती है, जिसे मुख्य रूप से शहरी इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया जाएगा। छोटी बैटरी से कीमत कम रखने में मदद मिलेगी। 200-300 किलोमीटर की रेंज शहर के भीतर इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए काफी हो सकती है। ये सिर्फ अनुमान हैं, कोई कन्फर्म स्पेक्स नहीं हैं।
लोकलाइजेशन से कम होगी कीमत
मारुति इस गाड़ी को सस्ता बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोकलाइजेशन का सहारा ले सकती है। कंपनी की पूरी EV स्ट्रैटेजी में भारत में बैटरी, मोटर और दूसरे इलेक्ट्रिक कंपोनेंट्स की सप्लाई चेन बनाना शामिल है। जैसे-जैसे मारुति कम कीमत वाले सेगमेंट में उतरेगी, यह और भी ज्यादा अहम होता जाएगा।
मारुति के पास मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा पैमाना, बेहद मजबूत डीलर नेटवर्क और छोटी कारों का दशकों पुराना अनुभव है। अगर वह इन ताकतों को एक किफायती इलेक्ट्रिक पॉवरट्रेन के साथ जोड़ पाती है, तो इस सेगमेंट में टाटा को कड़ी टक्कर मिल सकती है।
नीचे दी गई टेबल में सारी जानकारी एक नजर में देखें:
| क्या | क्या हो सकता है? |
|---|---|
| कार का नाम | अभी रिवील नहीं हुआ |
| क़ीमत | 10 लाख रुपए से कम (अनुमानित) |
| सेगमेंट | एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक कार |
| बॉडी स्टाइल | छोटी हैचबैक या कॉम्पैक्ट क्रॉसओवर होने की उम्मीद |
| रेंज | 200-300 किलोमीटर (अनुमानित) |
| टारगेट ऑडियंस | पहली बार कार खरीदने वाले, दोपहिया से अपग्रेड करने वाले, शहरी उपयोगकर्ता |
| मुख्य प्रतिद्वंद्वी | Tata Tiago EV, हुंडई की आने वाली कॉम्पैक्ट EV |
| लोकलाइजेशन | भारत में ही बैटरी, मोटर और अन्य कंपोनेंट्स बनाने की योजना |
| लॉन्च | अभी अनाउंस नहीं हुआ |
क्या मारुति Tata Tiago EV को हरा पाएगी?
यह सवाल काफी दिलचस्प है। Tata Tiago EV का इस सेगमेंट में पहले से मजबूत पकड़ है और टाटा ने अपनी Battery-as-a-Service मॉडल के जरिए कीमत को और नीचे लाने की कोशिश की है। हालाँकि, मारुति के पास कुछ ऐसी ताकतें हैं जो टाटा के पास नहीं हैं।
पहली ताकत — मारुति का डीलर नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है। छोटे शहरों से लेकर गाँवों तक मारुति की पहुँच है, जबकि टाटा का नेटवर्क अभी भी सीमित है।
दूसरी ताकत — मारुति की छोटी कारों में पहले से अच्छी पहचान है। अल्टो, सेलेरियो और वैगनआर जैसी गाड़ियाँ दशकों से लोगों के बीच पॉपुलर हैं। जब वही ब्रांड इलेक्ट्रिक कार लेकर आएगी, तो लोगों को उस पर भरोसा होगा।
तीसरी ताकत — मारुति की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और पैमाना। मारुति हर साल लाखों गाड़ियाँ बनाती है, इसलिए वह कंपोनेंट्स की कीमतें कम रख सकती है। यही चीज़ टाटा के मुकाबले मारुति को फायदा दे सकती है।
हालाँकि, टाटा ने इलेक्ट्रिक कारों में अपनी अलग पहचान बनाई है और Tiago EV पहले से ही लोगों के बीच काफी पॉपुलर है। इसलिए मारुति को एकदम से बाजार नहीं मिलेगा, लेकिन अगर वह सही कीमत और सही फीचर्स के साथ आती है, तो वह इस सेगमेंट में टाटा को कड़ी टक्कर दे सकती है।
क्या यह मारुति की सबसे अहम EV होगी?
e Vitara ने मारुति को इलेक्ट्रिक SUV गेम में ला दिया है, लेकिन 10 लाख रुपए से कम वाली यह कार इलेक्ट्रिक कार को पूरी तरह से अलग ऑडियंस तक ले जा सकती है। यह वही कार हो सकती है जो इलेक्ट्रिक कारों को भारत में मुख्यधारा में लाने का काम करे।
अगर मारुति कीमतों को 10 लाख रुपए से नीचे रख पाती है, तो यह उन करोड़ों लोगों के लिए इलेक्ट्रिक कार का रास्ता खोल सकती है जो आज भी पेट्रोल या डीजल कार ही खरीदते हैं। और अगर ऐसा होता है, तो यह न सिर्फ टाटा बल्कि पूरे भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के लिए एक बड़ा बदलाव ला सकती है।