नई बजाज पल्सर 150 और 125 बनाम पुरानी पल्सर 150 और 125 – क्या-क्या बदला, जानिए पूरी जानकारी

नई पल्सर 125 और 150 में नया फ्रेम, मोनोशॉक, राइडिंग मोड और टीएफटी स्क्रीन मिली है, लेकिन कुछ मामलों में पुराने मॉडल के कुछ हार्डवेयर ज्यादा बड़े थे 

बजाज ने नई पीढ़ी की पल्सर 125 और पल्सर 150 लॉन्च कर दी हैं। पहली नजर में दोनों मोटरसाइकिलें पुराने मॉडल से ज्यादा आधुनिक लगती हैं। नया फ्रेम, मोनोशॉक सस्पेंशन, राइडिंग मोड और टीएफटी स्क्रीन जैसे फीचर्स इन्हें पहले से काफी अलग बनाते हैं।

लेकिन अगर दोनों नई मोटरसाइकिलों की तुलना पुराने मॉडल से ध्यान से की जाए, तो तस्वीर थोड़ी अलग नजर आती है। नई पल्सर में कई बड़े अपग्रेड हुए हैं, लेकिन कुछ वेरिएंट में ऐसे हार्डवेयर भी कम हो गए हैं जो पुराने मॉडल में पहले से मौजूद थे।

आइए पहले पल्सर 125 और फिर पल्सर 150 का पूरा अंतर समझते हैं।

नई और पुरानी पल्सर 125 में क्या बदला?

New Bajaj Pulsar

नई पल्सर 125 के इंजन में कागज पर बहुत बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। पुराने मॉडल का इंजन 124.38 सीसी का था, जबकि नए मॉडल में यह बढ़कर 124.58 सीसी हो गया है।

हालांकि, पावर और टॉर्क दोनों में हल्की बढ़ोतरी हुई है। पुरानी पल्सर 125 में 11.8 पीएस की पावर और 10.8 एनएम का टॉर्क मिलता था। नई पल्सर 125 में पावर 12.1 पीएस और टॉर्क 11.4 एनएम हो गया है।

फ्रंट ब्रेक में भी बदलाव हुआ है। पुराने मॉडल में 240 मिमी का फ्रंट डिस्क ब्रेक था, जबकि नए मॉडल में 260 मिमी का डिस्क ब्रेक दिया गया है।

सबसे बड़ा बदलाव पीछे के सस्पेंशन में हुआ है। पुरानी पल्सर 125 में ट्विन शॉक एब्जॉर्बर थे, जबकि नई पल्सर 125 में मोनोशॉक सस्पेंशन दिया गया है। पुराने मॉडल में रियर सस्पेंशन का स्ट्रोक 102 मिमी था, जो अब बढ़कर 110 मिमी हो गया है।

पल्सर 125: पुरानी बनाम नई

फीचर पुरानी पल्सर 125 नई पल्सर 125
इंजन 124.38 सीसी 124.58 सीसी
पावर 11.8 पीएस 12.1 पीएस
टॉर्क 10.8 एनएम 11.4 एनएम
फ्रंट ब्रेक 240 मिमी डिस्क 260 मिमी डिस्क
रियर ब्रेक 130 मिमी ड्रम 130 मिमी ड्रम
रियर सस्पेंशन ट्विन शॉक मोनोशॉक
रियर सस्पेंशन स्ट्रोक 102 मिमी 110 मिमी
राइडिंग मोड नहीं मिड और टॉप वेरिएंट में
हॉर्न सिंगल डबल
यूएसबी टाइप-ए टाइप-सी
कीमत 81,556 रुपये से 92,990 रुपये से

टायर साइज में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दोनों पीढ़ियों में आगे 80/100-17 और पीछे 100/90-17 टायर दिए गए हैं।

नई पल्सर 125 में हर वेरिएंट को डबल हॉर्न मिला है। वहीं, पुराने मॉडल में सभी वेरिएंट में सिंगल हॉर्न था।

फीचर्स बढ़े, लेकिन बेस वेरिएंट में कुछ चीजें कम भी हुईं

नई पल्सर 125 के मिड और टॉप वेरिएंट में 5 इंच की टीएफटी स्क्रीन, एलईडी इंडिकेटर, राइडिंग मोड, हैजर्ड लाइट और बेहतर फीचर्स मिलते हैं।

लेकिन बेस वेरिएंट में कुछ चीजों की कमी भी है। इसमें बल्ब वाले इंडिकेटर दिए गए हैं और यूएसबी टाइप-सी पोर्ट वैकल्पिक है।

पुराने पल्सर 125 के कुछ ऊंचे वेरिएंट में एलईडी इंडिकेटर और बेली पैन जैसी चीजें पहले से मिलती थीं।

यानी नई पल्सर 125 कुल मिलाकर ज्यादा आधुनिक है, लेकिन अगर आप केवल बेस वेरिएंट की तुलना पुराने अच्छे वेरिएंट से करेंगे तो कुछ अंतर जरूर दिखाई देंगे।


नई और पुरानी पल्सर 150 में क्या बदला?

पल्सर 150 में इंजन की क्षमता पहले की तरह 149.5 सीसी ही है। अधिकतम पावर भी 14 पीएस ही बनी हुई है।

लेकिन नई पल्सर 150 में यह पावर अब 8,000 आरपीएम पर मिलती है, जबकि पुराने मॉडल में 14 पीएस की पावर 8,500 आरपीएम पर मिलती थी।

टॉर्क में भी बढ़ोतरी हुई है। पुराने मॉडल में 13.25 एनएम का टॉर्क था, जो नई पल्सर 150 में बढ़कर 14.1 एनएम हो गया है।

नई मोटरसाइकिल में नया डायमंड टाइप फ्रेम दिया गया है। बजाज के अनुसार यह पुराने डबल क्रैडल फ्रेम के मुकाबले ज्यादा मजबूत है और मोटरसाइकिल की हैंडलिंग तथा स्थिरता को बेहतर बनाने में मदद करता है।

पीछे अब ट्विन शॉक की जगह मोनोशॉक सस्पेंशन दिया गया है और इसका स्ट्रोक 102 मिमी से बढ़ाकर 110 मिमी कर दिया गया है।

पल्सर 150: पुरानी बनाम नई

फीचर पुरानी पल्सर 150 नई पल्सर 150
इंजन 149.5 सीसी 149.5 सीसी
पावर 14 पीएस @ 8,500 आरपीएम 14 पीएस @ 8,000 आरपीएम
टॉर्क 13.25 एनएम 14.1 एनएम
फ्रंट ब्रेक 260/280 मिमी 260 मिमी
रियर ब्रेक ड्रम/डिस्क एसडी में ड्रम, टीडी में डिस्क
रियर सस्पेंशन ट्विन शॉक मोनोशॉक
रियर सस्पेंशन स्ट्रोक 102 मिमी 110 मिमी
फ्रंट फोर्क 31/37 मिमी 33 मिमी
राइडिंग मोड नहीं दोनों वेरिएंट में
हॉर्न डबल डबल
यूएसबी टाइप-ए टाइप-सी
कीमत 1.11 लाख रुपये से 1.15 लाख रुपये से

पुराने स्प्लिट सीट मॉडल में कुछ हार्डवेयर बड़े थे

यहीं पर नई और पुरानी पल्सर 150 की तुलना सबसे ज्यादा दिलचस्प हो जाती है।

पुराने स्प्लिट सीट वेरिएंट में आगे 90/90-17 और पीछे 120/80-17 टायर दिए गए थे। इसके अलावा इसमें 280 मिमी का फ्रंट डिस्क और 37 मिमी का फ्रंट फोर्क मिलता था।

नई पल्सर 150 में एसडी और टीडी दोनों वेरिएंट में एक ही 80/100-17 फ्रंट और 100/90-17 रियर टायर साइज दिया गया है। फ्रंट डिस्क भी 260 मिमी का है और फ्रंट फोर्क 33 मिमी का है।

इसका मतलब यह नहीं कि नई पल्सर 150 खराब है, क्योंकि नए फ्रेम और मोनोशॉक के अपने फायदे हैं। लेकिन पुराने टॉप स्प्लिट सीट वेरिएंट के मुकाबले नए मॉडल में कुछ हार्डवेयर आकार के मामले में छोटे हो गए हैं।

नई पल्सर 150 के एसडी वेरिएंट में भी कुछ कटौती

पुरानी पल्सर 150 के सभी वेरिएंट में एलईडी इंडिकेटर और बेली पैन मिलता था। नई पल्सर 150 के बेस एसडी वेरिएंट में बल्ब वाले इंडिकेटर दिए गए हैं और बेली पैन भी नहीं मिलता।

ये दोनों चीजें टीडी वेरिएंट में वापस मिल जाती हैं।

हालांकि, नई पल्सर 150 में राइडिंग मोड दोनों वेरिएंट में दिए गए हैं। इसमें रोड, रेन और स्पोर्ट मोड मिलते हैं, जो पुराने मॉडल में नहीं थे।

आखिर नई पल्सर लेना बेहतर है या पुरानी?

अगर सिर्फ फीचर्स और आधुनिक तकनीक देखें तो नई पल्सर 125 और 150 साफ तौर पर आगे हैं। नया डायमंड टाइप फ्रेम, मोनोशॉक सस्पेंशन, ज्यादा टॉर्क, राइडिंग मोड और टीएफटी स्क्रीन इन्हें ज्यादा आधुनिक बनाते हैं।

लेकिन पुरानी पल्सर 150 के स्प्लिट सीट वेरिएंट को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उसमें चौड़े टायर, बड़ा 280 मिमी फ्रंट डिस्क और 37 मिमी के फ्रंट फोर्क जैसे हार्डवेयर थे, जो नई पल्सर में नहीं मिलते।

सीधी बात करें तो बजाज ने नई पीढ़ी की पल्सर को सिर्फ पुराने मॉडल का मामूली अपडेट नहीं बनाया है। मोटरसाइकिल का फ्रेम, सस्पेंशन और फीचर्स काफी बदल गए हैं। लेकिन बेस वेरिएंट खरीदने वाले ग्राहकों को यह जरूर ध्यान रखना चाहिए कि कुछ फीचर्स और हार्डवेयर के लिए अब ऊंचा वेरिएंट चुनना पड़ सकता है।

कुल मिलाकर नई पल्सर 125 और 150 ज्यादा आधुनिक और फीचर से भरपूर जरूर हैं, लेकिन पुरानी पल्सर के कुछ वेरिएंट में मिलने वाले बड़े हार्डवेयर को नई पीढ़ी पूरी तरह बरकरार नहीं रख पाई है।

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