भारत में रेंज रोवर इलेक्ट्रिक की बुकिंग शुरू, एक बार चार्ज करने पर 600 किमी तक चलेगी

रेंज रोवर अब पूरी तरह बिजली से चलने वाली गाड़ी के रूप में भी भारत पहुंच चुकी है। कंपनी ने रेंज रोवर इलेक्ट्रिक की बुकिंग भारत में शुरू कर दी है। यह रेंज रोवर ब्रांड की पहली पूरी तरह इलेक्ट्रिक एसयूवी है और इसमें वही शानदार आराम, लक्जरी और ऑफ-रोड क्षमता देने की कोशिश की गई है, जिसके लिए रेंज रोवर जानी जाती है।

नई रेंज रोवर इलेक्ट्रिक में दो इलेक्ट्रिक मोटर, बड़ी 118.5 किलोवाट-घंटे की बैटरी और चारों पहियों को ताकत देने वाली प्रणाली दी गई है। कंपनी के अनुसार, यह एसयूवी एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर 600 किमी तक की डब्ल्यूएलटीपी रेंज दे सकती है।

असल सड़क परिस्थितियों में इसकी रेंज करीब 535 किमी तक बताई गई है।

Range Rover Electric

543 एचपी की ताकत और 850 एनएम टॉर्क

रेंज रोवर इलेक्ट्रिक में दो स्थायी चुंबक वाली इलेक्ट्रिक मोटर दी गई हैं।

दोनों मोटर मिलकर अधिकतम 543 एचपी की ताकत और 850 एनएम का टॉर्क पैदा करती हैं। इतनी ताकत के साथ यह इलेक्ट्रिक एसयूवी तेज रफ्तार के साथ-साथ मुश्किल रास्तों पर भी बेहतर प्रदर्शन करने का दावा करती है।

इसमें चार पहिया ड्राइव प्रणाली दी गई है और गाड़ी जरूरत के हिसाब से आगे और पीछे के पहियों के बीच ताकत बांट सकती है।

कंपनी ने इसमें इंटेलिजेंट ड्राइवलाइन डायनेमिक्स प्रणाली भी दी है, जो सड़क और पहियों की स्थिति के अनुसार ताकत को नियंत्रित करती है।

सिर्फ 22 मिनट में 10 से 80 प्रतिशत तक चार्ज

रेंज रोवर इलेक्ट्रिक की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज चार्जिंग क्षमता भी है।

इसमें 800 वोल्ट की इलेक्ट्रिकल प्रणाली दी गई है और यह अधिकतम 350 किलोवाट डीसी फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

कंपनी के अनुसार, सही चार्जर मिलने पर इसकी बैटरी को 10 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक सिर्फ 22 मिनट में चार्ज किया जा सकता है।

वहीं, सिर्फ 10 मिनट की चार्जिंग में करीब 220 किमी की डब्ल्यूएलटीपी रेंज मिल सकती है।

बेशक, यह आंकड़ा सही तापमान और पूरी क्षमता वाले फास्ट चार्जर मिलने पर ही संभव होगा।

118.5 किलोवाट-घंटे की बड़ी बैटरी

नई इलेक्ट्रिक रेंज रोवर में 118.5 किलोवाट-घंटे की बैटरी दी गई है।

इस बैटरी में डबल-स्टैक व्यवस्था और 344 प्रिज्मेटिक सेल लगाए गए हैं। इतनी बड़ी बैटरी का मुख्य फायदा लंबी दूरी की यात्रा में मिलेगा।

रेंज रोवर इलेक्ट्रिक उन ग्राहकों के लिए भी बनाई गई है जो लंबी दूरी तय करना चाहते हैं और इलेक्ट्रिक गाड़ी में रेंज को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करना चाहते।

फिसलन होने पर सिर्फ 50 मिलीसेकंड में प्रतिक्रिया

ऑफ-रोड गाड़ियों में पहियों की पकड़ काफी महत्वपूर्ण होती है। रेंज रोवर इलेक्ट्रिक में दी गई इंटीग्रेटेड ट्रैक्शन मैनेजमेंट प्रणाली पहियों के फिसलने की स्थिति को बहुत तेजी से पहचान सकती है।

कंपनी का कहना है कि यह प्रणाली सिर्फ 50 मिलीसेकंड में प्रतिक्रिया दे सकती है।

लैंड रोवर के अनुसार, यह प्रतिक्रिया पारंपरिक पेट्रोल या डीजल इंजन वाली गाड़ी के मुकाबले काफी तेज है।

इसका फायदा कीचड़, बर्फ, रेत और दूसरी फिसलन वाली सतहों पर मिल सकता है।

एक पैडल से चलाने की सुविधा और 45 डिग्री तक चढ़ाई

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रेंज रोवर इलेक्ट्रिक में एक पैडल से चलाने का तरीका भी दिया गया है।

इसकी मदद से चालक एक्सेलरेटर को नियंत्रित करके गाड़ी को तेज करने और धीमा करने का काम कर सकता है। कंपनी का दावा है कि यह प्रणाली एसयूवी को 45 डिग्री तक की चढ़ाई पर भी संभालने में मदद कर सकती है

गाड़ी में एयर सस्पेंशन दिया गया है और बैटरी नीचे होने की वजह से इसका गुरुत्वाकर्षण केंद्र भी नीचे रहता है।

इससे तेज रफ्तार पर स्थिरता बेहतर होने के साथ-साथ ऑफ-रोड क्षमता को भी बनाए रखने में मदद मिलती है।

डिजाइन में ज्यादा बदलाव नहीं

रेंज रोवर इलेक्ट्रिक को देखते ही यह साफ हो जाता है कि कंपनी ने इसकी पहचान को ज्यादा बदलने की कोशिश नहीं की है।

इसका आकार और डिजाइन मौजूदा रेंज रोवर परिवार जैसा ही रखा गया है।

हालांकि इलेक्ट्रिक मॉडल में बेहतर हवा प्रवाह के लिए कुछ बदलाव किए गए हैं। इसमें हवा को ध्यान में रखकर बनाए गए पहिए और नीचे की तरफ खास डिजाइन दिया गया है।

इन बदलावों का उद्देश्य तेज रफ्तार पर बिजली की खपत कम करना और रेंज को बेहतर बनाना है।

केबिन में वही लग्जरी का अनुभव

रेंज रोवर इलेक्ट्रिक के अंदर कंपनी ने लक्जरी पर पूरा ध्यान दिया है।

इसमें रेंज रोवर ऐप के जरिए कई सुविधाओं को नियंत्रित किया जा सकता है। चालक अपने फोन से गाड़ी की लॉक स्थिति, मौजूदा जगह, चार्जिंग की स्थिति और अनुमानित रेंज जैसी जानकारी देख सकता है।

इसके अलावा केबिन की हवा को साफ करने वाली प्रणाली और गर्म होने वाला स्टीयरिंग व्हील जैसी सुविधाओं को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

बेहद मुश्किल परिस्थितियों में की गई टेस्टिंग

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रेंज रोवर इलेक्ट्रिक को तैयार करने से पहले कंपनी ने इसे काफी मुश्किल परिस्थितियों में जांचा है।

इस गाड़ी ने असली और आभासी परीक्षणों को मिलाकर 15 लाख किमी से ज्यादा दूरी तय की है।

इसे स्वीडन में माइनस 40 डिग्री सेल्सियस जैसी बेहद ठंडी परिस्थितियों में चलाया गया। वहीं दुबई की तेज गर्मी में भी इसकी जांच की गई।

इसका मकसद यह सुनिश्चित करना था कि बैटरी और इलेक्ट्रिक प्रणाली अलग-अलग मौसम में ठीक तरह से काम कर सके।

ठंड में रेंज बचाने के लिए खास प्रणाली

इलेक्ट्रिक गाड़ियों में ठंड के मौसम में केबिन को गर्म करने से बैटरी की रेंज कम हो सकती है।

इस समस्या को कम करने के लिए रेंज रोवर इलेक्ट्रिक में थर्मअसिस्ट हीट मैनेजमेंट प्रणाली दी गई है।

कंपनी के अनुसार, यह प्रणाली कुछ परिस्थितियों में 40 किमी तक अतिरिक्त रेंज जोड़ने में मदद कर सकती है।

साथ ही केबिन को गर्म करने में लगने वाली ऊर्जा को 40 प्रतिशत तक कम करने का दावा भी किया गया है।

बैटरी पर 8 साल या 1.60 लाख किमी की वारंटी

रेंज रोवर इलेक्ट्रिक की बैटरी को मजबूत एल्युमिनियम सुरक्षा आवरण में रखा गया है।

कंपनी ने बैटरी की निगरानी के लिए 900 से ज्यादा अलग-अलग जानकारी बिंदुओं का इस्तेमाल किया है। इसे बैटरी डिजिटल ट्विन तकनीक से जोड़ा गया है, जिससे बैटरी की स्थिति पर नजर रखी जा सकती है।

बैटरी पर 8 साल या 1.60 लाख किमी की वारंटी दी गई है।

भारत में कौन-कौन से मॉडल मिलेंगे?

भारत में रेंज रोवर इलेक्ट्रिक की शुरुआत स्टैंडर्ड व्हीलबेस ऑटोबायोग्राफी संस्करण से होगी।

लंबे व्हीलबेस वाले मॉडल में एसवी, एसवी अल्ट्रा और एसवी ब्लैक संस्करण उपलब्ध होंगे।

वहीं, फर्स्ट एडिशन को बेलग्रेविया ग्रीन, सेंटोरिनी ब्लैक और वारेसिन ब्लू रंगों में पेश किया जाएगा।

केबिन में लाइट क्लाउड अल्ट्राफैब्रिक्स और क्वाड्रेट जैसी खास सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।

इसके अलावा कंपनी का रेंज रोवर बेस्पोक कार्यक्रम ग्राहकों को अपनी पसंद के हिसाब से अलग रंग, बाहरी फिनिश और केबिन के अंदर इस्तेमाल होने वाली सामग्री चुनने का मौका देगा।

ब्रिटेन में हो रहा है निर्माण

नई रेंज रोवर इलेक्ट्रिक का निर्माण ब्रिटेन के सोलिहुल कारखाने में किया जा रहा है।

यही कारखाना साल 1970 से रेंज रोवर का निर्माण कर रहा है। इलेक्ट्रिक मॉडल के लिए इस कारखाने में कई बदलाव किए गए हैं।

बैटरी पैक और इलेक्ट्रिक ड्राइव यूनिट का निर्माण ब्रिटेन के वॉल्वरहैम्प्टन स्थित इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन मैन्युफैक्चरिंग सेंटर में किया जा रहा है।

भारत में इलेक्ट्रिक लग्जरी एसयूवी के लिए बड़ा कदम

रेंज रोवर इलेक्ट्रिक की भारत में बुकिंग शुरू होना लग्जरी इलेक्ट्रिक गाड़ियों के बाजार के लिए एक बड़ी बात है।

543 एचपी की ताकत, 850 एनएम टॉर्क, 600 किमी तक की दावा की गई रेंज और सिर्फ 22 मिनट में तेज चार्जिंग के साथ यह सिर्फ एक इलेक्ट्रिक लग्जरी एसयूवी नहीं, बल्कि रेंज रोवर की ऑफ-रोड पहचान को बिजली के दौर में आगे ले जाने की कोशिश है।

अब सबसे बड़ा सवाल इसकी कीमत का रहेगा। अगर कंपनी भारत में इसकी कीमत की घोषणा करती है, तो यह देश की सबसे महंगी और ताकतवर इलेक्ट्रिक एसयूवी में शामिल हो सकती है।

कुल मिलाकर, नई रेंज रोवर इलेक्ट्रिक उन लोगों के लिए बनाई गई है जो इलेक्ट्रिक गाड़ी चाहते हैं, लेकिन रेंज रोवर का आराम, ताकत और मुश्किल रास्तों पर चलने की क्षमता छोड़ना नहीं चाहते।

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