इतिहास रच गया भारत! पहली बार SUVs ने Export में Cars को पीछे छोड़ा

इतिहास रच गया भारत! पहली बार SUVs ने Export में Cars को पीछे छोड़ा : भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री आज सिर्फ देश की सड़कों तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब दुनिया भर के बाजारों में अपनी मजबूत पहचान बना रही है। जिस तरह भारत में SUV का क्रेज़ बढ़ा है, ठीक वैसा ही बदलाव अब एक्सपोर्ट के आंकड़ों में भी साफ दिखाई देने लगा है। SUVs Lead India’s Export Chart अब सिर्फ एक हेडलाइन नहीं, बल्कि भारतीय ऑटो सेक्टर की नई हकीकत बन चुकी है। पहली बार ऐसा हुआ है जब SUVs और अन्य यूटिलिटी व्हीकल्स ने एक्सपोर्ट में पारंपरिक पैसेंजर कार्स को पीछे छोड़ दिया है।

भारत के एक्सपोर्ट बाजार में SUV का नया दबदबा

नवंबर 2025 वह महीना साबित हुआ जब इतिहास बदलता नजर आया। इस दौरान भारत से 42,993 यूटिलिटी व्हीकल्स एक्सपोर्ट किए गए, जबकि पैसेंजर कार्स का आंकड़ा 40,519 यूनिट्स पर रुक गया। इसमें SUVs, MPVs और MUVs सभी शामिल हैं। यह वही बदलाव है जो पहले घरेलू बाजार में देखा गया था और अब ग्लोबल लेवल पर भी दिखने लगा है। India SUV export growth इस बात का संकेत है कि दुनिया भर में ग्राहक अब ऊंची ग्राउंड क्लीयरेंस, मजबूत लुक और मल्टी-यूज़ व्हीकल्स को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

कुछ सालों में कैसे बदली पूरी तस्वीर

अगर थोड़ा पीछे जाकर देखें तो यह बदलाव कितना बड़ा है, इसका अंदाजा आसानी से लग जाता है। FY2023-24 में भारत ने करीब 4.3 लाख पैसेंजर कार्स एक्सपोर्ट की थीं, जबकि यूटिलिटी व्हीकल्स सिर्फ 2.3 लाख यूनिट्स तक सीमित थीं। लेकिन अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच UV एक्सपोर्ट 2.22 लाख से बढ़कर 2.88 लाख यूनिट्स तक पहुंच गया। वहीं पैसेंजर कार्स की ग्रोथ अपेक्षाकृत धीमी रही। अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो FY2025-26 पहला ऐसा पूरा साल होगा जब UV एक्सपोर्ट, कार एक्सपोर्ट से आगे निकल जाएगा।

Maruti Suzuki और Hyundai की बड़ी भूमिका Cars

इस बदलते एक्सपोर्ट गेम में Maruti Suzuki की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है। पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट में Maruti Suzuki और Hyundai मिलकर करीब 81 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। कुल मिलाकर Indo-Japanese ब्रांड्स भारत के लगभग 47 प्रतिशत पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट को संभाल रहे हैं। UV सेगमेंट में भी Maruti सबसे आगे है, जबकि Nissan, Toyota और Hyundai भी अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं। यही वजह है कि SUVs export from India लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है।

क्यों सब-4 मीटर SUVs बन रही हैं एक्सपोर्ट की रीढ़

एक्सपोर्ट होने वाले यूटिलिटी व्हीकल्स में करीब 62 प्रतिशत हिस्सेदारी सब-4 मीटर SUVs की है। कम उत्सर्जन, बेहतर माइलेज और ग्लोबल मार्केट में आसान स्वीकार्यता इन्हें सबसे बड़ी ताकत देती है। दिलचस्प बात यह है कि टॉप 10 एक्सपोर्टेड पैसेंजर व्हीकल्स में से आठ गाड़ियां भी 4 मीटर से छोटी हैं। Compact SUV export India इस समय देश की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है।

Jimny और e Vitara ने बढ़ाई उम्मीदें Cars

अंतरराष्ट्रीय बाजार में Maruti Suzuki Jimny के 5-डोर वर्जन की मांग काफी अच्छी देखी जा रही है, भले ही भारत में इसकी बिक्री सीमित रही हो। इसके अलावा Maruti ने हाल ही में अपनी पहली इलेक्ट्रिक SUV e Vitara का एक्सपोर्ट भी शुरू कर दिया है, जिसकी भारतीय बिक्री अगले महीने से शुरू होने वाली है। यह कदम साफ दिखाता है कि भविष्य में EVs भी भारत के एक्सपोर्ट ग्रोथ का अहम हिस्सा बन सकते हैं।

कुल मिलाकर, SUVs Lead India’s Export Chart भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा माइलस्टोन है। यह बदलाव बताता है कि भारत अब सिर्फ सस्ती कारों का नहीं, बल्कि मजबूत और ग्लोबल-फ्रेंडली SUVs का भी बड़ा हब बन चुका है। आने वाले सालों में यह ट्रेंड और तेज़ होने की पूरी संभावना है।

Disclaimer: यह लेख उपलब्ध इंडस्ट्री डेटा, रिपोर्ट्स और मीडिया जानकारी पर आधारित है। एक्सपोर्ट आंकड़े और ट्रेंड समय के साथ बदल सकते हैं। किसी भी आधिकारिक पुष्टि के लिए संबंधित ऑटोमोबाइल कंपनियों या सरकारी रिपोर्ट्स को जरूर देखें।