सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन अपनी अगली जनरेशन के इंजन लाइनअप पर काम कर रही है। कंपनी दो नए 1.2-लीटर पॉवरट्रेन विकसित कर रही है, जो भविष्य की छोटी और मिडसाइज कारों में इस्तेमाल होंगे। इनमें से एक डायरेक्ट इंजेक्शन टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन है, जो लगभग 125 hp की पावर और 230 Nm का टॉर्क देगा। दूसरा एक नया हाइब्रिड यूनिट है, जो अपनी हायर स्पेसिफिकेशन में करीब 174 hp तक की पावर दे सकता है। यह सुजुकी के लिए दो अलग-अलग रास्ते खोल सकता है – एक पारंपरिक टर्बो पेट्रोल और दूसरा हाइब्रिड। अगर आप सुजुकी की भविष्य की कारों का इंतज़ार कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए काफी काम की है।

पहला इंजन: 1.2L टर्बो पेट्रोल
सुजुकी का नया 1.2-लीटर टर्बोचार्ज्ड इंजन डायरेक्ट इंजेक्शन और फोर्स्ड इंडक्शन का इस्तेमाल करता है, जिससे कॉम्पैक्ट डिस्प्लेसमेंट से ज्यादा पावर निकाली जा सकती है। इसकी रिपोर्टेड पावर 125 hp और टॉर्क 230 Nm है, जो सुजुकी के मौजूदा नैचुरली एस्पिरेटेड छोटे इंजनों से कहीं ज्यादा है। यह टॉर्क कई बड़े टर्बो पेट्रोल इंजनों के करीब है, जो आमतौर पर थोड़ी प्रीमियम गाड़ियों में मिलते हैं।
इस इंजन की सबसे बड़ी खासियत इसकी मल्टी-फ्यूल क्षमता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पेट्रोल, E100 एथेनॉल, CNG और कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) को सपोर्ट करेगा। सुजुकी पहले ही बायोएथेनॉल और CBG को उन ईंधनों में शामिल कर चुकी है, जिन्हें वह भारत और ग्लोबल मार्केट के लिए विकसित करना चाहती है। यानी भविष्य में आप एक ही इंजन में कई तरह के ईंधन इस्तेमाल कर सकेंगे।
दूसरा इंजन: 1.2L हाइब्रिड
दूसरा 1.2-लीटर यूनिट एक नए हाइब्रिड सिस्टम का हिस्सा है, जिसकी रिपोर्टेड पावर 174 hp तक है। सुजुकी का इलेक्ट्रिफिकेशन काम सीरीज हाइब्रिड तकनीक और Super Ene Charge पर केंद्रित है, जो 48V इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर पर आधारित है। इसका मकसद बड़ी ट्रैक्शन बैटरी के वजन के बिना बेहतर इलेक्ट्रिक असिस्टेंस देना है।
सीरीज हाइब्रिड तकनीक एक अलग रास्ता अपनाती है। इसमें पेट्रोल इंजन मुख्य रूप से बिजली पैदा करने का काम करता है, और इलेक्ट्रिक मोटर ज्यादातर ड्राइविंग को संभालती है। यह लेआउट सुजुकी के हल्के वाहनों के लक्ष्य के लिए उपयुक्त है, क्योंकि यह कम स्पीड पर अच्छा रिस्पॉन्स और कम ईंधन खपत देता है। कंपनी का कहना है कि इसका कॉम्पैक्ट सीरीज हाइब्रिड 2022 के मुकाबले लगभग 29 प्रतिशत कम CO2 उत्सर्जन करता है, जो हर 10,000 किलोमीटर पर करीब 300 किलोग्राम कम CO2 के बराबर है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह?
भारत सुजुकी के इस फ्यूल प्रोग्राम से सीधे जुड़ता है, क्योंकि मारुति सुजुकी पहले से ही बड़ी संख्या में फैक्ट्री-फिटेड CNG वाहन बेच रही है। सुजुकी ने देश में कंप्रेस्ड बायोगैस प्रोडक्शन में भी निवेश किया है, जिससे उसके CNG वाहन बेस और भविष्य के CBG इस्तेमाल के बीच सीधा संबंध बनता है। एथेनॉल सपोर्ट एक और ईंधन विकल्प जोड़ता है, क्योंकि भारत अपने एथेनॉल-ब्लेंडिंग प्रोजेक्ट का विस्तार कर रहा है। हमने पहले मारुति के ग्रीन व्हीकल लक्ष्य के बारे में लिखा है, जिसमें CNG की बढ़ती हिस्सेदारी का जिक्र था। वह आर्टिकल भी पढ़ सकते हैं।
अन्य तकनीकी पहलू
सुजुकी की प्रेजेंटेशन में सीरीज HEV से REEV Light और PHEV तक का रास्ता भी दिखाया गया है, जो एक्सटर्नल चार्जिंग क्षमता और सही साइज़ की बैटरी के जरिए संभव होगा। कंपनी ने अगली जनरेशन के e-Axles भी लिस्ट किए हैं – 70 kW मिनी/A-सेगमेंट वाहनों के लिए और 130 kW B-, C- और D-सेगमेंट मॉडल्स के लिए। एक अलग इलेक्ट्रिक फोर-व्हील ड्राइव सिस्टम भी प्लान किया गया है, जिसकी आउटपुट 10 kW और 30 kW होगी।
नए इंजनों की तुलना: एक नजर में

| क्या | 1.2L टर्बो पेट्रोल | 1.2L हाइब्रिड |
|---|---|---|
| पावर | ~125 hp | ~174 hp (टॉप स्पेक) |
| टॉर्क | 230 Nm | – |
| ईंधन | पेट्रोल, E100, CNG, CBG | पेट्रोल + इलेक्ट्रिक |
| तकनीक | डायरेक्ट इंजेक्शन, टर्बो | सीरीज हाइब्रिड, 48V |
| CO2 उत्सर्जन | – | 2022 से 29% कम |
| e-Axle | – | 70 kW (A-सेगमेंट), 130 kW (B/C/D) |

क्या इसका असर मारुति की कारों पर पड़ेगा?
सुजुकी के ये नए इंजन भविष्य में मारुति सुजुकी की कारों में भी इस्तेमाल हो सकते हैं। खासकर फ्रॉन्क्स, बलेनो और स्विफ्ट जैसी कारों में हाइब्रिड तकनीक आ सकती है। हमने पहले मारुति की 5 नई कारें 2027 तक के बारे में लिखा है, जिसमें फ्रॉन्क्स हाइब्रिड का भी जिक्र है। वह आर्टिकल भी पढ़ सकते हैं। इसके अलावा, अगर आप मारुति की CNG AMT कारों के बारे में जानना चाहते हैं, तो Maruti Suzuki CNG AMT फुल प्राइस लिस्ट वाला आर्टिकल भी पढ़ सकते हैं। और अगर आप रेनो की हाइब्रिड कार के बारे में जानना चाहते हैं, तो Renault Duster Hybrid वाली खबर भी पढ़ सकते हैं।
निष्कर्ष
सुजुकी के नए 1.2-लीटर टर्बो और हाइब्रिड इंजन भविष्य के लिए एक बड़ा कदम हैं। ये इंजन ज्यादा पावर, कम उत्सर्जन और कई ईंधन विकल्पों के साथ आ रहे हैं, जो भारत जैसे बाजार के लिए काफी अहम हैं। अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक हुआ, तो आने वाले कुछ सालों में मारुति सुजुकी की कारें इन नए इंजनों के साथ और भी किफायती और पर्यावरण-अनुकूल हो जाएँगी। बाकी अगर आपको इसके बारे में और कोई सवाल है, तो कमेंट में पूछ सकते हैं।
