भारत की कार इंडस्ट्री पर 6 कंपनियों का कब्जा! 90% से ज्यादा Market Share इन्हीं के पास : अगर आप सोचते हैं कि भारत में कार बाजार बहुत ज्यादा बंटा हुआ है और हर ब्रांड को बराबर मौका मिलता है, तो 2025 के आंकड़े आपकी सोच बदल सकते हैं। बीते साल ने एक बात बिल्कुल साफ कर दी—अब ऑटो इंडस्ट्री में साइज ही सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है। साल 2025 के आखिर तक भारत में बिकने वाली हर 10 में से करीब 9 कारें सिर्फ 6 कंपनियों ने बेचीं।
Maruti Suzuki, Mahindra, Tata Motors, Hyundai, Kia और Toyota—इन छह दिग्गजों ने मिलकर करीब 93% Indian car market share 2025 पर कब्जा जमाए रखा। बाकी सभी ब्रांड्स को बचे हुए छोटे से हिस्से के लिए आपस में जूझना पड़ा।
Mahindra की ऐतिहासिक छलांग, Hyundai को पीछे छोड़ा
2025 की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली कहानी रही Mahindra की। पहली बार Mahindra भारत की दूसरी सबसे बड़ी कार कंपनी बनी और उसने करीब दो दशकों से इस पोजिशन पर जमी Hyundai को पीछे छोड़ दिया।
SUV की बढ़ती दीवानगी का Mahindra ने जबरदस्त फायदा उठाया। Thar Roxx, XUV 3XO, BE 6 और XEV 9e जैसे नए और अपडेटेड मॉडल्स ने ग्राहकों को शोरूम तक खींच लाया। अकेले पांच-डोर Thar Roxx ने 53,000 से ज्यादा यूनिट्स का योगदान दिया, जबकि प्रीमियम इलेक्ट्रिक XEV 9e को भी 27,000 से ज्यादा खरीदार मिले।
नतीजा यह रहा कि Mahindra ने 2025 में 14% market share हासिल किया और साल-दर-साल करीब 18% की ग्रोथ दर्ज की।
Maruti Suzuki अब भी नंबर-1, लेकिन दबाव बढ़ा

लीडरशिप की बात करें तो Maruti Suzuki आज भी भारत की सबसे बड़ी कार कंपनी बनी हुई है। 40% market share के साथ Maruti ने टॉप पोजिशन तो बचा ली, लेकिन इसकी रफ्तार अब पहले जैसी तेज नहीं रही।
SUV सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा बढ़ने और ग्राहकों के बदलते टेस्ट की वजह से Maruti पर दबाव साफ नजर आया। फिर भी, मजबूत नेटवर्क और भरोसेमंद प्रोडक्ट्स ने कंपनी को नंबर-1 बनाए रखा।
Tata Motors की स्थिर पकड़ और रिकॉर्ड बिक्री

Tata Motors के लिए 2025 एक और मजबूत साल साबित हुआ। ICE और EV—दोनों सेगमेंट में लगातार विस्तार करते हुए Tata ने लगातार पांचवीं बार रिकॉर्ड सालाना बिक्री दर्ज की। कुल 5,87,218 यूनिट्स के साथ कंपनी ने दिखा दिया कि भारतीय ब्रांड अब हर मोर्चे पर मुकाबले के लिए तैयार हैं।
Toyota और Kia ने भी बनाई जगह
Toyota और Kia ने भले ही बड़े उछाल न दिखाए हों, लेकिन समझदारी से चुने गए मॉडल्स और सही सेगमेंट पर फोकस ने इन्हें टॉप-6 में मजबूती से टिकाए रखा। Toyota ने प्रीमियम इमेज और Maruti के साथ गठजोड़ का संतुलन बनाए रखा, जबकि Kia ने डिजाइन और फीचर्स के दम पर ग्राहकों को लुभाया।
छोटे ब्रांड्स के लिए मुश्किल दौर
Honda, Volkswagen, Renault और Jeep जैसे ब्रांड्स के लिए 2025 आसान नहीं रहा। नई लॉन्च की कमी और सीमित पोर्टफोलियो की वजह से ये कंपनियां पहले जैसी पकड़ नहीं बना पाईं।
कुल मिलाकर, Indian auto market share 2025 ने साफ कर दिया है कि आने वाले सालों में भी बड़े ब्रांड्स का दबदबा बना रहना तय है।
Disclaimer: यह लेख बिक्री आंकड़ों और इंडस्ट्री रिपोर्ट्स पर आधारित है। सभी आंकड़े कैलेंडर ईयर 2025 के अनुमानित और उपलब्ध डेटा पर आधारित हैं, जिनमें भविष्य में बदलाव संभव है।