Ultraviolette ने जुटाए 85 मिलियन डॉलर! अब 5 लाख यूनिट प्रोडक्शन और अमेरिका में एंट्री की तैयारी

बेंगलुरु की इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी Ultraviolette ने हाल ही में 85 मिलियन डॉलर यानी करीब 700 करोड़ रुपए की नई फंडिंग जुटाई है। यह फंडिंग Yali Capital के Deep Tech Fund और TDK Ventures के नेतृत्व में हुई है। इसमें Walden International के चेयरमैन Lip-Bu Tan ने भी निवेश किया है, और वह कंपनी के एडवाइजर के तौर पर भी जुड़ गए हैं। यह फंडिंग ऐसे समय में आई है जब कंपनी ने हाल ही में एक नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की घोषणा की है, जिसकी सालाना प्रोडक्शन क्षमता 5 लाख यूनिट तक होगी।

अगर आप इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट पर नजर रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए काफी अहम है। चलिए, विस्तार से जानते हैं कि Ultraviolette इस पैसे का इस्तेमाल कहाँ करेगी और आगे क्या-क्या प्लान हैं।

Ultraviolette


प्रोडक्शन बढ़ाने पर फोकस

कंपनी इस फंडिंग का एक बड़ा हिस्सा अपने मौजूदा मॉडलों – F77 और X-47 Crossover – के प्रोडक्शन को बढ़ाने में लगाएगी। इसके अलावा, अगले दो नए प्रोडक्ट्स पर भी काम होगा। इनमें Tesseract इलेक्ट्रिक स्कूटर शामिल है, जिसे अगले साल की शुरुआत में लॉन्च किया जाएगा। दूसरा प्रोडक्ट Shockwave एंड्यूरो मोटरसाइकिल है, जो Ultraviolette को एक नई इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कैटेगरी में उतारेगी। नया फैक्ट्री इन सभी मॉडलों के प्रोडक्शन को सपोर्ट करेगा, ताकि भारत और विदेशी बाजारों में बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।


नए EV प्लेटफॉर्म पर भी होगा निवेश

फंडिंग का एक और हिस्सा नए EV प्लेटफॉर्म बनाने में खर्च होगा, जो कई अलग-अलग वाहन श्रेणियों के लिए तैयार किए जाएंगे। Ultraviolette ने अपनी बैटरी तकनीक, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, व्हीकल आर्किटेक्चर और सॉफ्टवेयर सिस्टम खुद विकसित किए हैं। कंपनी की बैटरी विशेषज्ञता 48V से लेकर 400V तक की आर्किटेक्चर को कवर करती है, जिससे अलग-अलग पावर, रेंज, थर्मल मैनेजमेंट और पैकेजिंग की जरूरतों वाले वाहन बनाए जा सकते हैं। यानी कंपनी सिर्फ बाइक या स्कूटर तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि भविष्य में कई तरह के इलेक्ट्रिक वाहन बनाने की तैयारी कर रही है।


ग्लोबल मार्केट में बढ़ेगी मौजूदगी

Ultraviolette फिलहाल भारत के अलावा 20 यूरोपीय देशों में अपने वाहन बेच रही है। इनमें जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, पुर्तगाल, यूके, बेल्जियम, नीदरलैंड, इटली, स्विट्जरलैंड और हंगरी जैसे बाजार शामिल हैं। कंपनी का अगला बड़ा कदम 2027 में अमेरिकी बाजार में एंट्री करना है। इसके अलावा, लैटिन अमेरिका और साउथ ईस्ट एशिया भी उसकी विदेशी विस्तार योजनाओं का हिस्सा हैं। यानी Ultraviolette धीरे-धीरे एक ग्लोबल ब्रांड बनने की तरफ बढ़ रही है।


मौजूदा प्रोडक्ट्स और तकनीक

कंपनी के मौजूदा प्रोडक्ट्स में F77 और X-47 शामिल हैं। F77 भारत और यूरोप में ग्राहकों तक पहुँच चुकी है। वहीं X-47 में रडार-बेस्ड सेफ्टी तकनीक दी गई है, जो इसे खास बनाती है। Yali Capital ने कंपनी की बैटरी, पावरट्रेन, सॉफ्टवेयर और रडार सिस्टम में किए गए काम को इस निवेश का बड़ा कारण बताया है। TDK Ventures भी पहले भी कंपनी में निवेश कर चुका है और इस बार भी शामिल हुआ है।

Lip-Bu Tan ने कहा कि Ultraviolette की तकनीकी गहराई, बौद्धिक संपदा और प्रोडक्ट डेवलपमेंट के प्रति उसका फर्स्ट-प्रिंसिपल्स अप्रोच काफी प्रभावित करने वाला है। कंपनी के संस्थापक नारायण सुब्रमण्यम और नीरज राजमोहन ने कहा कि यह निवेश भविष्य के व्हीकल प्लेटफॉर्म को सपोर्ट करेगा।


निवेशकों की लिस्ट

Ultraviolette में पहले से कई बड़े निवेशक हैं, जिनमें Lingotto, Qualcomm Ventures, Zoho Corporation, TVS Motor, TDK Ventures और Speciale Invest शामिल हैं। इस नई फंडिंग के बाद कंपनी के पास और मजबूत वित्तीय सहारा होगा, जिससे वह अपने विस्तार की योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा सकेगी।


मुख्य बातें एक नजर में

क्या जानकारी
फंडिंग राशि 85 मिलियन डॉलर
लीड निवेशक Yali Capital का Deep Tech Fund, TDK Ventures
नए निवेशक Lip-Bu Tan (Walden International के चेयरमैन)
प्रोडक्शन क्षमता 5 लाख यूनिट सालाना (नया प्लांट)
मौजूदा मॉडल F77, X-47 Crossover
आने वाले मॉडल Tesseract इलेक्ट्रिक स्कूटर (2027 की शुरुआत), Shockwave एंड्यूरो
नए EV प्लेटफॉर्म कई श्रेणियों के लिए, 48V से 400V बैटरी तकनीक
मौजूदा बाजार भारत और 20 यूरोपीय देश
भविष्य के बाजार अमेरिका (2027), लैटिन अमेरिका, साउथ ईस्ट एशिया
मुख्य तकनीक इन-हाउस बैटरी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, सॉफ्टवेयर, रडार सिस्टम

Ultraviolette

इसका मतलब क्या है?

Ultraviolette के लिए यह फंडिंग काफी अहम है, क्योंकि इससे कंपनी अपने प्रोडक्शन को बढ़ा सकेगी और नए मार्केट्स में उतर सकेगी। भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में पहले से कई कंपनियाँ मौजूद हैं, लेकिन Ultraviolette अपनी परफॉर्मेंस बाइक्स और एडवांस्ड तकनीक के दम पर अलग पहचान बना रही है। अगर कंपनी अपने प्लान के मुताबिक अमेरिका और दूसरे बाजारों में उतरती है, तो यह भारत के लिए गर्व की बात होगी। साथ ही, इससे देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति भरोसा और बढ़ेगा।

अगर आप इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने की सोच रहे हैं, तो Ultraviolette के मौजूदा और आने वाले मॉडल आपके लिए दिलचस्प हो सकते हैं। हमने पहले Ultraviolette X-47 के BaaS स्कीम के बारे में लिखा है, जिसमें इसकी कीमत 1.49 लाख रुपए से शुरू होती है। वह आर्टिकल भी पढ़ सकते हैं।


निष्कर्ष

Ultraviolette ने 85 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाकर यह साफ कर दिया है कि वह भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहती है। नया प्लांट, नए मॉडल और नए EV प्लेटफॉर्म इसकी बड़ी योजनाओं का हिस्सा हैं। अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक हुआ, तो आने वाले कुछ सालों में Ultraviolette दुनिया के प्रमुख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर ब्रांड्स में शुमार हो सकती है। बाकी अगर आपको इस खबर के बारे में और कोई सवाल है, तो कमेंट में पूछ सकते हैं।

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