Volvo XC60 और XC90 के लॉन्ग-रेंज PHEV लॉन्च: अब 200 km तक इलेक्ट्रिक रेंज

वोल्वो ने अपनी दो सबसे लोकप्रिय SUVs, XC60 और XC90, के लॉन्ग-रेंज प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) वर्जन लॉन्च कर दिए हैं। इन नई गाड़ियों में इलेक्ट्रिक रेंज को काफी बढ़ा दिया गया है, जिससे अब आप रोजाना की ड्राइविंग बिना पेट्रोल के कर सकते हैं। कंपनी का दावा है कि नई रेंज पुराने PHEV मॉडल्स से ढाई गुना से भी ज्यादा है। यह उन ग्राहकों के लिए बड़ी राहत है जो इलेक्ट्रिक गाड़ी चाहते हैं, लेकिन लंबी यात्रा के लिए पेट्रोल इंजन का सहारा भी चाहते हैं। यूरोप और अमेरिका में इनकी बुकिंग शुरू हो चुकी है, और प्रोडक्शन इस साल के अंत में शुरू होगा।

Volvo XC60


इलेक्ट्रिक रेंज में बड़ा उछाल

नई लॉन्ग-रेंज PHEV में सबसे बड़ा बदलाव इलेक्ट्रिक रेंज में हुआ है। वोल्वो XC60 अब 200 किलोमीटर तक की इलेक्ट्रिक रेंज देती है (प्रारंभिक WLTP साइकल के अनुसार), जबकि XC90 160 किलोमीटर तक चल सकती है। यह पुराने PHEV मॉडल्स से कहीं ज्यादा है। यह संभव हुआ है बड़ी फ्लोर-इंटीग्रेटेड बैटरी और ज्यादा पावरफुल इलेक्ट्रिक मोटर की वजह से। जब बैटरी खत्म हो जाती है, तो पेट्रोल इंजन काम संभाल लेता है, जिससे लंबी यात्रा में कोई दिक्कत नहीं होती। कंपनी ने यह भी कहा है कि माइल्ड-हाइब्रिड वर्जन भी रेंज में बने रहेंगे।


XC60 में डिज़ाइन और फीचर्स के अपडेट

XC60 को इस बार काफी व्यापक विजुअल अपडेट मिला है। इसमें नया ग्रिल, फ्रंट बंपर, बोनट, फ्रंट विंग्स और नए व्हील्स दिए गए हैं। साथ ही, रिवाइज्ड “थॉर्स हैमर” मैट्रिक्स LED हेडलाइट्स भी मिलती हैं। पीछे की तरफ नया टेलगेट, LED लैंप और बंपर डिज़ाइन है। अंदर की बात करें, तो डैशबोर्ड और डोर पैनल्स को फिर से डिज़ाइन किया गया है, साथ में वुड ट्रिम, कार्डमम वेंटिलेटेड नप्पा लेदर और टॉप-स्पेक वर्जन में अपग्रेडेड इंटीरियर इल्यूमिनेशन भी मिलता है।


XC90: सेवन-सीटर लग्जरी का नया अवतार

XC90 एक सेवन-सीटर SUV है, और इसे हाल ही में टेक्नोलॉजी और डिज़ाइन में अपडेट मिला है। इसका स्कैंडिनेवियन केबिन, प्रीमियम मटेरियल, वुड ट्रिम और भरपूर नेचुरल लाइट बरकरार है। इसमें ऑप्शनल बोवर्स एंड विल्किंस साउंड सिस्टम भी मिलता है। इसके अलावा, Google Gemini अब इंफोटेनमेंट पैकेज का हिस्सा बन गया है, जो नेविगेशन, मैसेज और दूसरे कनेक्टेड फंक्शन्स के लिए नैचुरल-लैंग्वेज कमांड सपोर्ट करता है।


टेक्नोलॉजी और सेफ्टी

दोनों गाड़ियों में Google Gemini असिस्टेंट मिलता है, जो बातचीत के अंदाज में रूट प्लानिंग, डेस्टिनेशन सर्च और मैसेज मैनेजमेंट जैसे काम कर सकता है। वोल्वो ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट के जरिए सॉफ्टवेयर अपडेट भी भेजेगी।

XC60 में 11.2-इंच की सेंट्रल स्क्रीन दी गई है, जो नए Volvo Car UX पर चलती है। सेफ्टी के लिए इसमें रडार, कैमरे और दूसरे हार्डवेयर का अपग्रेडेड पैकेज मिलता है। इसमें लेन चेंज असिस्ट, 360-डिग्री कैमरा (3D व्यू के साथ), ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग और ऑटोमैटिक इमरजेंसी स्टीयरिंग जैसे फीचर्स शामिल हैं। एक खास फीचर यह भी है कि गाड़ी दरवाजा खोलने से पहले अगर कोई साइकिल वाला पास आ रहा हो, तो चेतावनी दे सकती है।


मुख्य स्पेसिफिकेशन एक नजर में

क्या Volvo XC60 Long-Range PHEV Volvo XC90 Long-Range PHEV
इलेक्ट्रिक रेंज (WLTP) 200 km तक 160 km तक
सीटिंग 5-सीटर 7-सीटर
बैटरी बड़ी फ्लोर-इंटीग्रेटेड बैटरी बड़ी फ्लोर-इंटीग्रेटेड बैटरी
इंजन पेट्रोल + इलेक्ट्रिक मोटर पेट्रोल + इलेक्ट्रिक मोटर
इंफोटेनमेंट 11.2-इंच स्क्रीन, Google Gemini Google Gemini, बोवर्स एंड विल्किंस साउंड
सेफ्टी लेन चेंज असिस्ट, 360° कैमरा, AEB, AES सेम अपग्रेडेड सेफ्टी पैकेज
डिज़ाइन अपडेट नया ग्रिल, बंपर, हेडलाइट्स, टेलगेट हाल का टेक और डिज़ाइन रिवीजन

कब और कहाँ होगी उपलब्ध?

ये नई लॉन्ग-रेंज PHEV गाड़ियाँ पहले यूरोप और अमेरिका में बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी। बुकिंग शुरू हो चुकी है, और इनमें Black Edition वर्जन भी शामिल है। प्रोडक्शन इस साल के अंत (शरद ऋतु) में शुरू होगा। फिलहाल भारत में इनके लॉन्च की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं है, लेकिन वोल्वो भारत में अपनी मौजूदा PHEV और इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ बेच रही है, तो भविष्य में इनके आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


किससे होगा मुकाबला?

वोल्वो XC60 और XC90 के लॉन्ग-रेंज PHEV वर्जन का मुकाबला BMW X5 PHEV, Mercedes-Benz GLE PHEV और Audi Q7 PHEV जैसी लग्जरी SUVs से होगा। हालाँकि, वोल्वो की सबसे बड़ी ताकत इसकी इलेक्ट्रिक रेंज है, जो 200 km तक जाती है। यह उन ग्राहकों को खासतौर पर पसंद आएगी जो रोजाना शहर में इलेक्ट्रिक मोड में चलाना चाहते हैं और हफ्ते में एक-दो बार लंबी यात्रा पर जाते हैं।

अगर आप लग्जरी इलेक्ट्रिक वाहनों के बारे में और जानना चाहते हैं, तो हमने पहले BYD Denza D9 और Z9 GT के बारे में लिखा है, जो भारत में 2026 तक आ सकती हैं। इसके अलावा, हुंडई बेयॉन के डिज़ाइन स्केच भी हाल ही में आए हैं, जिन्हें आप पढ़ सकते हैं।


निष्कर्ष

वोल्वो का यह कदम दिखाता है कि कंपनी इलेक्ट्रिफिकेशन की तरफ गंभीरता से बढ़ रही है, लेकिन साथ ही ग्राहकों को पेट्रोल इंजन का विकल्प भी दे रही है। लॉन्ग-रेंज PHEV उन लोगों के लिए बेहतरीन हैं जो अभी पूरी तरह इलेक्ट्रिक पर नहीं जाना चाहते, लेकिन रोजमर्रा की ड्राइविंग में इलेक्ट्रिक का फायदा उठाना चाहते हैं। हालाँकि, असली रेंज मौसम, बैटरी की स्थिति, सड़क और ड्राइविंग स्टाइल पर निर्भर करती है, इसलिए इसे ध्यान में रखना जरूरी है।

अगर आपको वोल्वो XC60 या XC90 के बारे में और कोई सवाल है, तो कमेंट में पूछ सकते हैं।

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