Royal Enfield ने हिमालयी स्नो लेपर्ड संरक्षण के लिए 3 करोड़ रुपये से ज्यादा देने का वादा किया

Royal Enfield ने हिमालयी स्नो लेपर्ड संरक्षण के लिए 3 करोड़ रुपये से ज्यादा देने का वादा किया : Royal Enfield ने हिमालय में स्नो लेपर्ड संरक्षण के लिए 3 करोड़ रुपये से ज्यादा देने का वादा किया है। यह फंडिंग छह क्षेत्रों में वैज्ञानिक शोध, आबादी का आकलन, कम्युनिटी स्टीवर्डशिप और इंसान-वन्यजीव संघर्ष कम करने के कामों को सपोर्ट करेगी। यह कमिटमेंट One Ride 2026 से आई है, जो 20 सितंबर को “Every Rider. Every Road. One Mission.” थीम के साथ आयोजित हुई थी। 

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चेन्नई की यह कंपनी बताती है कि 67 देशों में 1,56,085 राइडर्स ने हिस्सा लिया और इस साल का इवेंट हिमालयी संरक्षण को समर्पित था। हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में 10,500 वर्ग किमी से ज्यादा का हैबिटेट इस कार्यक्रम के तहत आएगा, और यह अब तक के सबसे बड़े पैमाने के कामों में से एक है।

किन संस्थाओं के साथ काम होगा?

Royal Enfield, Nature Conservation Foundation, Ashoka Trust for Research in Ecology and the Environment, Snow Leopard Conservancy India Trust और Centre for Pastoralism के साथ मिलकर फील्ड रिसर्च, आबादी के आकलन और कम्युनिटी-लेड संरक्षण काम करेगी।

इसके अलावा दिसंबर 2026 में Journeying Across the Himalayas इवेंट के दौरान एक Snow Leopard Conservation Conclave आयोजित किया जाएगा। इसमें Global Snow Leopard and Ecosystem Protection Program और Nature Conservation Foundation भी हिस्सा लेंगे। चर्चा भारतीय संरक्षण नीतियों, अंतरराष्ट्रीय मानकों और सीमा पार सहयोग पर केंद्रित होगी।

लद्दाख नेचर सेंटर

लद्दाख के सास्पोत्से में बनने वाला Ladakh Nature Centre इस पहल का एक और अहम हिस्सा है। Snow Leopard Conservancy India Trust और Ladakh Autonomous Hill Development Council इस प्रोजेक्ट के पार्टनर हैं। यह आर्ट-बेस्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर हिमालयी जैव विविधता पर फोकस करेगा और स्थानीय लोगों तथा पर्यटकों को इस क्षेत्र के वन्यजीव और पारिस्थितिकी सिस्टम की जानकारी देगा। फील्डवर्क के केंद्र में भी कम्युनिटी स्टीवर्डशिप ही रहेगी। 

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संघर्ष कम करने पर फोकस

Royal Enfield स्नो लेपर्ड हैबिटेट के करीब बसी आबादियों में ऐसे प्रोजेक्ट्स को सपोर्ट करने की योजना बना रही है जिनमें संघर्ष कम करने का काम सीधे वैज्ञानिक मॉनिटरिंग और आबादी के आकलन से जुड़ा हो। इसका मकसद संरक्षण के काम को उन लोगों से जोड़ना है जो इन इलाकों में रहते हैं।

यह ऐलान Royal Enfield के 125वें साल में आया है और कंपनी के पहले से चल रहे हिमालयी संरक्षण काम को आगे बढ़ाता है। अब यह कार्यक्रम फील्ड रिसर्च, कम्युनिटी प्रोजेक्ट्स, लद्दाख नेचर सेंटर और दिसंबर के कॉन्क्लेव—चारों को एक ही संरक्षण कमिटमेंट के तहत लाता है।

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